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मुख्यमंत्री भगवंत मान की हिदायतों अनुसार पंजाब सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावितों के लिए बड़े स्तर पर राहत कार्य जारी

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व अधीन राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज़ कर दिए गए हैं। लोगों के जान-माल को बचाने के साथ-साथ पशुधन की सुरक्षा के लिए भी प्रभावशाली यत्न किये जा रहे हैं। एक प्रवक्ता ने बताया कि रोपड़, पटियाला, लुधियाना, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, मोगा, जालंधर, फ़िरोज़पुर, कपूरथला, तरन तारन और संगरूर जिलों के सीनियर वैटरनरी अफसरों को 50 हज़ार रुपए प्रति ज़िला दवाएँ खरीद कर भेज दीं हैं जिससे पशुओं के स्वास्थ्य का ख़्याल रखा जा सके। इसके इलावा वैटरनरी डाक्टरों और अन्य स्टाफ आधारित रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन कर दिया गया है जिनकी तैनाती बाढ़ प्रभावित इलाकों में की गई है। यदि ज़रूरत पड़ती है तो पशूओं के चारें का भी प्रबंध कर लिया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने भी मानवीय जानों की रक्षा के लिए अस्पतालों को ग्रांट जारी कर दी है जिससे ज़रूरी दवाओं की पूर्ति की जा सके। उन्होंने बताया कि ज़िला अस्पतालों को 12.5 लाख रुपए जारी किये गए हैं जिससे यदि ज़रूरत पड़ती है तो एमरजैंसी हालातों से निपटा जा सके। इसके इलावा सभी जिलों में रैपिड रिस्पांस टीमें बना दीं गई हैं और नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है जिससे राहत कामों को प्रभावी तरीक के साथ लागू किया जा सके। सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित करके नंबर जारी किये जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर है वहाँ स्थायी मैडीकल कैंप स्थापित किये गए हैं। इसके साथ ही सिवल सर्जन और रैपिड रिस्पांस टीमें ज़िला प्रशासन के तालमेल के साथ अधिक खतरे वाले गाँवों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में यत्नशील हैं। पानी घटने के बाद वैकटर- बोर्न और पानी से पैदा होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए लारवीसाईड का छिड़काव किया जायेगा। सभी जिलों को पहले ही लारवीसाईडज़, अडल्लटीसाईडज़ और पंप मुहैया करवाए जा चुके हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में 7500 से अधिक मैडीकल स्टाफ तैनात किया गया है। इससे पहले बाढ़ से निपटने के लिए राज्य के सभी डिप्टी कमीशनरों को कुल 33.50 करोड़ रुपए की राशि जारी की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही कह चुके हैं कि इस कुदरती आपदा में सरकार पंजाब निवासियों के साथ है और सभी प्रभावित लोगों के जान- माल की सुरक्षा की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि राहत कामों को और प्रभावी बनाने के लिए ऐनडीआरऐफ की 14 टीमें और ऐसडीआरऐफ की 2 टीमें ( जालंधर और कपूरथला) बाढ़ प्रभावित इलाकों में कार्यशील हैं। इनमें से ऐनडीआरऐफ की 3 टीमें मोहाली में, रूपनगर में 5 पटियाला में 2 जालंधर, फतेहगढ़, संगरूर और ऐसबीऐस नगर में 1-1 टीम तैनात की गई हैं। इसके इलावा 3 टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। सोमवार रात तक 9000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है।

खाद्य सप्लाई विभाग की तरफ से बाढ़ प्रभावित जिलों वाले क्षेत्रों जैसे मोहाली, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब, तरन तारन, रूपनगर, कपूरथला, नवांशहर और संगरूर में सूखे राशन के पैकेट बाँटे जा रहे हैं। इन पैकेटों में ग्लूकोज बिसकुट ( 2 पैकेट), पानी की बोतलों (2), सुखा दूध पाउडर (40 ग्राम) या वेरका फिनो के 2 टैटरा पैक, ब्रैड (1 छोटा पीस), गोला (2 पीस) प्लास्टिक का चम्चा (1), प्लास्टिक कप (2) और मोमबत्ती (1), माचिस बॉक्स (1) शामिल हैं।

सम्बन्धित जिलों की तरफ से 38,300 पैकटों की माँग की गई है, जिसकी पूर्ति के लिए जालंधर, मोहाली, अमृतसर, पटियाला और लुधियाना के पाँच नोडल प्वाइंटों जैसे जालंधर के मार्कफैड कैनरीज़ ( जालंधर, कपूरथला, नवांशहर जिलों के लिए), मोहाली मिल्क प्लांट (मोहाली, रोपड़, फतेहगढ़ साहिब जिलों के लिए), मिल्क प्लांट लुधियाना (लुधियाना और मोगा जिलों के लिए), मिल्क प्लांट पटियाला ( पटियाला, संगरूर जिलों के लिए), मिल्क प्लांट अमृतसर ( अमृतसर, तरन तारन और गुरदासपुर के लिए) में भारी मात्रा में सूखे भोजन के पैकेट तैयार किये जा रहे हैं।

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