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कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने धुस्सी बाँध में आई दरार को भरने के लिए जंगी स्तर पर चलाए जा रहे राहत कामों का लिया जायज़ा

चंडीगढ़। पंजाब के कैबिनेट मंत्री स. लालजीत सिंह भुल्लर ने गाँव घड़ुंम में धुस्सी बाँध में आई दरार को भरने के लिए जंगी स्तर पर चलाए जा रहे राहत कार्यों का आज जायज़ा लिया। इस मौके पर उनके साथ डिप्टी कमिशनर श्रीमती बलदीप कौर भी मौजूद रहे।

स. भुल्लर ने बताया कि ज़िला प्रशासन द्वारा अपेक्षित मशीनरी मुहैया करवा के, स्थानीय लोगों और सामाजिक और धार्मिक जत्थेबंदियों के सहयोग से बाँध में आई दरार को भरने के लिए जंगी स्तर पर राहत कार्य शुरू किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि नदी सतलुज में पहले आई बाढ़ के कारण धुस्सी बाँध को मज़बूत करने के लिए पिछले एक महीने से अधिक समय से काम चल रहा था परन्तु पिछले दिनों फिर से पहाड़ों में आई भारी बारिश के कारण नदी में पानी का स्तर बहुत बढ़ गया था जिस कारण पानी की मार न बर्दाश्त करते हुए बाँध में दरार पड़ गई। उन्होंने कहा कि अब नदी में पानी का बहाव कम हुआ है। इस लिए बांध को भरने के इलावा अन्य संवेदनशील स्थानों को मज़बूत करने के लिए भी लगातार काम चल रहा है।

उन्होंने बताया कि दरार को भरने के लिए शुरू किए गये राहत कामों को 24 घंटे चलाने के लिए ज़िला प्रशासन द्वारा विभिन्न अधिकारियों की देख-रेख में पुलिस विभाग, राजस्व विभाग, ड्रेनेज विभाग और सिवल अधिकारियों की टीमें बनाईं गई हैं और दरार को भरने के लिए दोनों सिरों से काम शुरू किया गया है। स्थानीय लोग और जत्थेबंदियों के सहयोग से 2 लाख से अधिक मिट्टी की बोरियाँ भरी जा रही हैं।

इस मौके पर डिप्टी कमिशनर बलदीप कौर ने अपील की कि अभी भी जो लोग अपनी मर्ज़ी से रह गए हैं, वह एन. डी. आर. एफ़. की टीमों के साथ सहयोग करें और जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुँचने को प्राथमिकता दें।

उन्होंने कहा कि ज़िला प्रशासन द्वारा कोट बूढ़ा, दुबली, खेमकरन, सभराअ, वल्टोहा, तलवंडी सोभा सिंह और हरीके सरकारी स्कूलों में 7 राहत केंद्र बनाऐ गए हैं। उन्होंने सड़कों एवं ट्रालियों में बैठे लोगों से अपील की कि वे इन राहत केन्द्रों में पहुँचें, जहाँ उनको हर ज़रूरी सुविधा और मैडीकल सहायता दी जायेगी।

इससे पहले स. लालजीत सिंह भुल्लर द्वारा रैस्ट हाऊस हरीके में ज़िले में बाढ़ की मौजूदा स्थिति को लेकर चल रहे राहत कामों का जायज़ा लेने के लिए उच्च अधिकारियों के साथ मीटिंग की। इस मौके पर डिप्टी कमिशनर तरन तारन श्रीमती बलदीप कौर, अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर श्रीमती अमनिन्दर कौर, एस. डी. एम. खडूर साहिब श्री दीपक भाटिया, एस. डी. एम. तरन तारन श्री रजनीश अरोड़ा, एस. डी. एम. भिक्खीविंड श्री अनिल गुप्ता के इलावा अलग-अलग विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

स. भुल्लर ने बाढ़ प्रभावित इलाके के लोगों से अपील की कि वे कुदरती आपदा की इस स्थिति के मद्देनज़र धैर्य बनाये रखें। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुँचाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा पहले से ही ज़रुरी प्रबंध किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए 7 राहत केंद्र स्थापित किये गए हैं, जहाँ बाढ़ प्रभावित लोगों को राशन, दवाएँ, तरपालें, मच्छरदानियां और अन्य ज़रूरी सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि पानी से प्रभावित लोग राहत केंद्र में आएं, जहाँ उनको हर तरह की सुरक्षा और सुविधा मुहैया करवाई जायेगी।

उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में से बाहर निकाले गए पशुओं को रखने के लिए भी नीली रावी भैंसों के रिर्सच केंद्र हरीके और दाना मंडी सभराअ में राहत केंद्र बनाऐ गए हैं। इन स्थानों पर 400 से अधिक पशुओं को रखने की क्षमता है, जहाँ पशुओं के लिए सूखे और हरे चारों के इलावा फीड और साइलेज़ भी मुहैया करवाया जायेगा।

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