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मंडलायुक्त ने जीडीए की समीक्षा बैठक में किया इस मॉडल सैटेलाइट सिटी के प्रोजेक्ट पर मंथन

गोरखपुर। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद बीते छह साल में गोरखपुर बदल चुका है। शहर की सीमा का यथासंभव विस्तार हो चुका है। 32 गांवों को नगर निगम का हिस्सा बनाया जा चुका है। इसके बावजूद शहर में निरंतर हो रहे विकास से नई बसावट का दबाव लगातार बना हुआ है। इसे देखते हुए सीएम योगी के मार्गदर्शन में प्रशासन व गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने नया गोरखपुर बसाने की परियोजना (न्यू गोरखपुर प्रोजेक्ट) तैयार कर ली है। शहर के उत्तरी और उत्तरी पूर्वी छोर पर करीब 6000 एकड़ क्षेत्रफल में मॉडल सैटेलाइट सिटी के रूप में न्यू गोरखपुर प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए 17000 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित की गई है। इसमें से 3000 करोड़ रुपये योगी सरकार ने मंजूर भी कर दिए हैं। न्यू गोरखपुर में करीब पांच लाख लोग बस सकेंगे।

मंगलवार को जीडीए के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त एवं जीडीए बोर्ड के अध्यक्ष अनिल ढींगरा ने न्यू गोरखपुर प्रोजेक्ट को लेकर अधिकारियों के साथ मंथन किया। इस दौरान उन्होंने गोरखपुर के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। इससे आवासीय और व्यावसायिक जरूरतों की मांग में भी इजाफा हो रहा है। इसके दृष्टिगत मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में न्यू गोरखपुर प्रोजेक्ट के रूप में सुव्यवस्थित सेटेलाइट सिटी विकसित करने की कार्ययोजना बनाई गई है।

बैठक के दौरान मंडलायुक्त ने जीडीए द्वारा संचालित परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। गोरखपुर इन्क्लेव आवास योजना, ग्राम सोनबरसा के माडल टाउन योजना, पंचायत भवन व स्मार्ट स्कूल निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सम्बंधित अधिकारी इसकी निगरानी स्वयं करें और निर्धारित समय अवधि में कार्य पूर्ण कराएं। मंडलायुक्त ने कहा कि किसी परियोजना में बेवजह विलंब हुआ तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इसमें वेतन कटौती से लेकर बैड इंट्री तक की कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन व सफाई व्यवस्था की भी जानकारी ली और हिदायत दी कि रामगढ़ताल के आसपास सफाई पर निरंतर ध्यान दिया जाए। कहीं भी गंदगी न दिखे।

बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने मण्डलायुक्त को खोराबार में मेडिसिटी आवासीय योजना, राप्ती नगर विस्तारीकरण, रामगढ़ताल रिंग रोड, सुमेर सागर ताल सौन्दर्यीकरण, एकीकृत मण्डलीय कार्यालय तथा रामगढ़ताल के आसपास पर्यटन विकास, जनपद में 17 पीडियाट्रिक आईसीयू, 63 परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प आदि परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी और अद्यतन प्रगति से अवगत कराया। आय व्यय का जिक्र करते हुए जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि प्राधिकरण की आय बढ़ाने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं।

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