• Thu. Jun 13th, 2024

14 सितम्बर को हिंदी दिवस राष्ट्रीय हिन्दी दिवस के रूप में घोषित किया जाए – कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर 

अयोध्या। हिंदी प्रचार प्रसार सेवा संस्थान द्वारा हिन्दी भाषा  को राष्ट्र भाषा बनाने के लिए अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में हिंदी दिवस पर समारोह का आयोजन  किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने माता सरस्वती देवी के चित्र पर माल्यार्पण कर ज्योति प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

उत्तरप्रदेश सरकार के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने हिन्दी दिवस पर बोलते हुवे कहा कि अगर किसी भाषा को लोग अनिवार्य रूप से समझते हैं तो वह हिंदी है। आज पूरे देश मे हिंदी बोलने वालों की संख्या अधिक है अगर ठीक से प्रयास हो गया तो यही सही समय है ,हम हिंदी को राष्ट्र भाषा बना सकते हैं, इस अभियान में अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने की जरूरत है ,हिंदी दुनिया की तीसरी राष्ट्र भाषा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यकाल में यह सपना जल्द पूरा होगा, हिंदी राष्ट्र भाषा बनने से अब कोई रोक नही पायेगा। संस्था के महामंत्री डॉ0 सम्राट अशोक मौर्य ने मंत्री जी को छह सूत्रीय ज्ञापन भी सौपां जिसमें संस्था की तरफ से हिंदी भवन व वाचनालय, तथा अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हिंदी भवन बनवाए जाने की मांग की जिस पर मंत्री महोदय ने घोषणा की वह मुख्यमंत्री जी से यह मांग पूरी करवाएगें।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए महंत स्वामी डॉ0 भरत दास जी महाराज ने कहा कि हमें हिन्दी को दैनिक उपयोग में लाना होगा, हिन्दी व्याकरण का ज्ञान अर्जित करना होगा तभी सही मायने में हिन्दी राष्ट्र भाषा बन सकती है। मुख्य वक्ता के रूप में कप्तानगंज के पूर्व विधायक सी0 पी0 शुक्ला ने बोलते हुए कहा कि हिन्दी भाषा हमारे विदेशों में भी बोली जाती, हिन्दी सभी जानते है हिन्दी को राजकीय भाषा की मान्यता पहले है लेकिन राष्ट्र भाषा अभी तक नहीं बन पाई है जिससे लगता है कि हमारे प्रयास में कोई कमी है जिसको सुधारना होगा और हिन्दी भाषा बोलने के लिए जनमानस में जागरूकता लानी होगी तभी हमारा प्रयास सार्थक होगा।

विशिष्ट अतिथि के रूप में परियोजना अधिकारी ए. के. पाण्डेय ने बोलते हुए कहा कि हिंदी के राष्ट्रभाषा बने बिना भारत देश अधूरा है। संस्थान के संरक्षक प्रेस क्लब अयोध्या के अध्यक्ष महेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि हिन्दी को राष्ट्र भाषा बनाने के लिए सभी लोग पूरे मनोयोग से कार्य करें जिससे जल्द से जल्द हिन्दी राष्ट्र भाषा घोषित हो सके। जिससे अयोध्या की धरती से देश को एक सशक्त संदेश जाए और हिंदी देश की राष्ट्रभाषा व विश्व की संपर्क भाषा बन सके, जिससे हमारी संस्कृति और सभ्यता सुरक्षित रह सके।

इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करने वालों में विशिष्ट अतिथि किछौछाशरीफअशरफपुर अंबेडकर नगर के चेयरमैन ओमकार गुप्ता “ओम”, दशरथ गद्दी के पीठाधीश्वर महान्त ब्रिज मोहन दास महाराज,साहित्यकार वेद भाष्यकार डॉ0 देवी सहाय दीप, भूपेन्द सिंह गांधी,यश पाठक, समाजसेवी शरद पाठक “बाबा”,डा0सोनी शर्मा, डॉ0एस.पी. द्विवेदी, जिला अध्यक्ष अजय मौर्य,महिला शाखा जिला अध्यक्ष काजल पाठक, संपादक पवन पाण्डेय, राष्ट्रीय सचिव आचार्य शशि मौर्य, चक्रवर्तीमौर्य,उपाध्यक्ष विंध्यवासिनी शरण पांडिया, प्रदेश अध्यक्ष दिनेश कुमार सिंह, प्रदेश महामंत्री पवन पाण्डेय,नीलम सिंह, गुड़िया त्रिपाठी, पूजा श्रीवास्तव, प्रिया श्रीवास्तव, संरक्षक मंडल सदस्य अनिरुद्ध प्रसाद शुक्ला, परमजीत कौर, अंकुर पांडे,सहित सैकड़ों साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में समाज के विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभाओं को डॉ0 शिवबरन मौर्य “साहित्य भूषण सम्मान” व डा0रामरती कुंवरि मौर्य “साहित्य गौरव सम्मान” से अलंकृत किया गया। वाले लोगो का सम्मान किया गया।

जिसमें प्रमुख रूप से अलका दीदी, महताब खान, डॉ0 सोनी शर्मा, अनिल सिंह चौहान, सुशीला शास्त्री, ओमकार गुप्ता, सुरेन्द्र पाठक, पत्रकार एस एन सिंह, एडवोकोट भूपेन्द्र सिंह गांधी ,डॉ0 प्रणय कुमार त्रिपाठी, पत्रकार जय प्रकाश गुप्ता, ओम नाथ मोर्या, डॉ0 आशुतोष उपाध्याय, नित्यानन्द यादव, सहित सैकड़ों साहित्य प्रेमियों को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों में शामिल प्रमुख रूप से राजेन्द्र तिवारी, रामकेर सिंह, संजय यादव, आचार्य राकेश पाण्डेय, गीता, शशि यादव, आशुतोष श्रीवास्तव, अमित कुमार, पत्रकार अनूप श्रीवास्तव, सुबोध श्रीवास्तव, माया पत्रिका के ब्यूरो अजय श्रीवास्तव, पत्रकार रूपेश श्रीवास्तव, पत्रकार  अम्बिका नन्द त्रिपाठी , भानु प्रताप सिंह चंद्रवंशी आचार्य स्कंद दास महेंद्र कुमार उपाध्याय राजेश महाराज जी,आचार्य उमेश मिश्रा , मुजम्मिल फिदा हुसैन जी,अमित तिवारी  जी, पत्रकार डी के तिवारी, समाज सेवी भारती सिंह, मेला उद्घोषक दीप चन्द राही, सहित सैकड़ों साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।

Leave a Reply