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अविवि में कलाकार, कलाकृति एवं कला प्रर्दर्शनी विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन

अयोध्या। डाॅ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा ललित कला (फाईन आर्ट्स) विभाग के संयुक्त तत्वाधान में शनिवार को एक दिवसीय कला विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ’’कलाकार, कलाकृति एवं कला प्रर्दर्शनी’’ विषय पर संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डाॅ0 शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुर्नवास विश्वविद्यालय, लखनऊ के ललित कला विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो0 पाण्डेय राजीव नयन ने कहा कि एक कलाकार द्वारा जब किसी कलाकृति का सृजन किया जाता है तो उसका यह सृजन उसकी स्वयं की सोच से अभिप्रेरित होता है। उन्होंने कहा कि हर कलाकार अपनी कलाकृति में जीवन्तता लाने का प्रयास करता है और जब उसकी सोच के अनुरूप रमणीक कलाकृति निर्मित हो जाती है तब वह अपनी इस कलाकृति को प्रदर्शनी के माध्यम से सामान्य जन मानस के समक्ष प्रस्तुत करता है। समाज के लोगो के द्वारा जब उसकी कलाकृति की प्रशंसा होती है, तो वह कलाकार आत्मविभोर होते हुए अन्य समसामायिक रमणीक कलाकृतियों के निर्माण के लिए उत्प्रेरित होता हैं। उन्होंने कहा कि एक कलाकार के लिए कला प्रदर्शनी उसकी कृतियों के बेहतर निर्माण का प्रेरणास्रोत होती है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कला एवं मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो0 आशुतोष सिन्हा ने विद्यार्थियों से कहा कि कलाकारों के द्वारा पूरे जीवन पर्यन्त कलाकृतियों का निर्माण एवं उसका उच्च प्रदर्शन कला के क्षेत्र का एक आधार है। प्रत्येक कलाकार को नई-नई कलाकृतियों का सृजन अवश्य करना चाहिए। संगोष्ठी की संयोजिका ललित कला डाॅ0 सरिता द्विवेदी ने बताया कि इस संगोष्ठी का प्रमुख उद्देश्य कलाकारों का प्रदर्शनी के माध्यम से सम्मान करना है। उन्होंने बताया कि राज्य ललित कला अकादमी, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ द्वारा प्रायोजित शिक्षक कलाकार का सम्मान एवं कलाकृतियों का व्यापक प्रदर्शन 18 सितम्बर, 2023 से 20 सितम्बर, 2023 तक किया जायेगा। इसमें तीन दिवसीय ’’कला आचार्य कला प्रदर्शनी’’ का आयोजन किया जायेगा। जिसमें आवासीय परिसर के साथ विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालयों एवं अवध क्षेत्र में संचालित प्रत्येक स्तर के शैक्षिक संस्थानों में कार्यरत ’’कला शिक्षकांे की कलाकृतियों’’ की प्रदर्शनी की जायेगी।

संगोष्ठी में ललित कला (फाईन आर्ट्स) विभाग के समन्वयक प्रो0 विनोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कला शिक्षकों के सम्मान हेतु 18 सितम्बर से तीन दिवसीय कला प्रदर्शनी का आयोजन परिसर में किया जायेगा। इस प्रदर्शनी में शिक्षक कलाकारों की प्रतिभागिता से सम्बंधित आवश्यक सूचनाएँ 12 सितम्बर को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जायेगी। इसके अतिरिक्त समस्त प्रतिभागी निर्धारित फार्म को पूरित करते हुए 16 सितम्बर तक ललित कला विभाग आवासीय परिसर मे उपलब्ध करा सकते है। इस संगोष्ठी में प्राप्त कलाकृतियों को राज्य ललित कला अकादमी, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ द्वारा कैटलाॅग के रूप में प्रकाशित किया जायेगा।

एक दिवसीय संगोष्ठी का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा माॅ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम के दौरान ’’तीन दिवसीय कला प्रदर्शनी पोस्टर का अनावरण भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ0 सरिता द्विवेदी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन डाॅ0 प्रिया कुमारी एवम् रीमा सिंह ने किया। इस अवसर प्रो0 मृदुला मिश्रा, डाॅ0 प्रिया कुमारी, डाॅ0 अलका श्रीवास्तव, श्रीमती रीमा सिंह, सरिता सिंह, आशीष प्रजापति, दिलीप पाल, विजय कुमार शुक्ला, शिव शंकर यादव सहित बडी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रही।

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