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मुख्यमंत्री ने लेह में शहीद हुए दो बहादुर जवानों के वारिसों को वित्तीय सहायता के तौर पर 1 करोड़ रुपए के चैक सौंपे

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज लेह (लद्दाख़) में 19 अगस्त को सडक़ हादसे में शहीद होने वाले दो बहादुर जवानों के पारिवारिक सदस्यों को वित्तीय सहायता के तौर पर एक-एक करोड़ रुपए के चैक सौंपे। इन शहीदों के पैतृक घरों का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि लेह में देश की एकता, अखंडता और प्रभुसत्ता की रक्षा के लिए अपना फर्ज निभाते हुए नौ बहादुर जवानों ने शहीदी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि लेह (लद्दाख़) में शहीद होने वाले इन जवानों में पंजाब के दो पुत्र रमेश लाल निवासी गाँव सरसरी (फरीदकोट) और तरनदीप सिंह निवासी बस्सी पठाना भी शामिल थे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह देश के लिए और ख़ासकर इन सैनिकों के परिवारों के लिए कभी न पूरा होने वाला घाटा है।

मुख्यमंत्री ने इन शहीदों के पारिवारिक सदस्यों के साथ दुख साझा करते हुए दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में शाश्वत निवास देने के लिए परमात्मा के समक्ष प्रार्थना की।

इन बहादुर जवानों द्वारा देश के लिए दिए गए बेमिसाल बलिदान के सम्मान के तौर पर उनके पारिवारिक सदस्यों को एक-एक करोड़ रुपए के चैक सौंपते हुए उन्होंने कहा कि पूरा देश इन शहीदों का सदा ऋणी रहेगा, जिन्होंने देश के ख़ातिर अपनी जान कुर्बान कर दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की एकता, अखंडता और प्रभुसत्ता की रक्षा के लिए इन बहादुर जवानों के कीमती योगदान को मान्यता देने के लिए राज्य सरकार का यह एक विनम्र सा प्रयास है। भगवंत मान ने कहा कि शहीदों के इन परिवारों को यह वित्तीय सहायता ड्यूटी के दौरान शहीदी प्राप्त करने वाले सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण को सुनिश्चित बनाने के लिए पंजाब सरकार की वचनबद्धता के अंतर्गत प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने नीति के अनुसार शहीदों के वारिसों के लिए नौकरियों का ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि इन शहीदों के महान बलिदान उनके साथी सैनिकों और नौजवानों को अपनी ड्यूटी और अधिक निष्ठा और समर्पित भावना से निभाने के लिए प्रेरित करेगी।

भगवंत मान ने उम्मीद ज़ाहिर की कि राज्य सरकार द्वारा दी गई यह वित्तीय सहायता जहाँ एक ओर परिवार को आर्थिक रूप से चिंता मुक्त करेगी, वहीं उनके भविष्य को भी सुरक्षित करने में अहम साबित होगी। उन्होंने आगे कहा कि इसके साथ ही यह नौजवानों को सशस्त्र सेनाओं में भर्ती होकर निस्वार्थ रूप से अपनी मातृभूमि की सेवा करने के लिए भी प्रेरित करेगी।

इसी दौरान फतेहगढ़ साहिब के बस्सी पठाना में शहीद तरनदीप सिंह की अंतिम अरदास के मौके पर मुख्यमंत्री ने वित्तीय सहायता का चैक सौंपते हुए शहीद की बहन के लिए सर्टीफिकेटों को सत्यापित करने के बाद सरकारी नौकरी और शहीद के नाम पर सिंथेटिक ट्रैक और अन्य अति-आधुनिक सुविधाओं से लैस स्टेडियम बनाने का ऐलान भी किया, जिससे अन्य नौजवान सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए प्रेरित हो सकें।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने गाँव सरसरी (फरीदकोट) में शहीद के परिवार को वित्तीय सहायता का चैक सौंपने के अलावा शहीद रमेश लाल की पत्नी को नौकरी देने और शहीद के नाम पर गाँव में स्टेडियम बनाने का ऐलान भी किया। इसके अलावा उन्होंने गाँव की डिस्पेंसरी के नवीनीकरण और पंजगराईं से नंगल रोड का नाम शहीद के नाम पर रखने का ऐलान भी किया।

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