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हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित किए बिना देश की सभ्यता व संस्कृति सुरक्षित नहीं उक्त वक्तव्य आज -डॉ0 सम्राट अशोक मौर्य

अयोध्या। श्रृंगारहाट अयोध्या स्थित रघुनाथ भवन वैद जी के मंदिर में हिंदी प्रचार प्रसार सेवा संस्थान की बैठक की अध्यक्षता करते हुए समाज सेवी सत्यदेव मिश्रा ने व्यक्त किया,उक्त अवसर पर उन्होंने कहा कि हिंदी ही हमारे सनातन धर्म व संस्कृति की संवाहक है, बैठक को संबोधित करते हुए प्रेस क्लब अयोध्या के अध्यक्ष महेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि हिंदी के राष्ट्रभाषा बने बिना भारत देश अधूरा है, संस्थान के उपाध्यक्ष विंध्यवासिनी शरण पांडिया ने कहा कि आगामी 14 सितंबर हिंदी दिवस के पावन पर्व पर संस्थान द्वारा अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय नयाघाट अयोध्या में संगोष्ठी, सम्मान समारोह व सांस्कृतिक आयोजन किए गए हैं जिसमें आप लोग पूरी सहभागिता निभाईये।

बैठक का संचालन करते हुए संस्थान के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ0 सम्राट अशोक मौर्य ने आए हुए सभी साहित्य प्रेमियों का आभार प्रकट होते हुए अपील की कि आगामी 14 सितम्बर के कार्यक्रम को तन मन धन से जुट कर सफल बनावें जिससे अयोध्या की धरती से देश को एक सशक्त संदेश जाए और हिंदी देश की राष्ट्रभाषा व विश्व की संपर्क भाषा बन सके, जिससे हमारी संस्कृति और सभ्यता सुरक्षित रह सके।

उक्त अवसर पर अपने सुझाव व सलाह संप्रेषित करने वालों में प्रमुख रूप से वरिष्ठ पत्रकार अजय श्रीवास्तव, अरविंद तिवारी, सुमित्रानंदन यादव,महेंद्र कुमार उपाध्याय, अंकुर पाण्डेय, परमजीत कौर, नीलम सिंह, विकास पाण्डेय, संजय यादव, संपादक पवन पाण्डेय,अंतरिक्ष तिवारी, विशाल गिरी, “साहित्य सम्राट” के जिला संवाददाता भानु प्रताप सिंह “चंद्रवंशी” समाज सेवी महंत राजेंद्र दास जी महाराज,उर्मिला, पुरोहित समाज के अध्यक्ष दुर्गेश पाण्डेय, नारी शक्ति की नीलम सिंह, प्रिया श्रीवास्तव, पूजा श्रीवास्तव, पर परमिंदर कौर, गुड़िया त्रिपाठी, सूर्य प्रताप सिंह, हरिप्रसाद पाण्डेय, तीर्थ पुरोहित समाज के अध्यक्ष राजेश महाराज जी आदि उपस्थित रहे।

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